अब युवा केवल नौकरी खोजण वाला नी, रोजगार देण वाला बन रिया
राज्य सरकार रो मकसद केवल युवां ने नौकरी दिलावणो ही नी है, बल्कि उण ने रोजगार पैदा करन वाला बनावणो है। ई दिशा में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना चालू कर युवां ने 10 लाख रुपया तक रो ऋण 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान अर मार्जिन मनी सहायता साथ उपलब्ध करवायो जावै है। ई योजना खातर 1000 करोड़ रुपया सूं ज्यादा रो प्रावधान राख्यो गयो है।
इसी के साथ नवाचार अर रिसर्च ने बढ़ावा देण खातर हर जिले में VIBRANT (Value-driven Innovation and Business Research for Aspiration and Nurturing Talent) कार्यक्रम चालू करनो प्रस्तावित है, जेकां सूं युवा नवाचार अर स्टार्टअप क्षेत्र में आगो बढ़ सके।
सरकारी अर निजी क्षेत्र में बढ़ रिया रोजगार रा मौका
राज्य सरकार रोजगार उपलब्ध करवावण में भी उल्लेखनीय काम कर री है। करीब सवा दो साल रा कार्यकाल में 1 लाख 25 हजार सूं ज्यादा नियुक्तियां दी जा चुकी है, अर 1 लाख 35 हजार पदां पर भर्ती प्रक्रिया चालू है। साथ ही आगला साल में 1 लाख 25 हजार नई भर्तियां निकालन री घोषणा भी कर दी गई है।
वहीं राइजिंग राजस्थान ग्लोबल समिट जेसा प्रयासां सूं प्रदेश में निवेश बढ़ रियो है, जेकां कारण निजी क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर रोजगार रा मौका पैदा हो रिया है।
गांवां में डिजिटल पढ़ाई अर संसाधनां रो विस्तार
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम रखण खातर पेपर लीक माफिया खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई गई है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर री नेशनल टेस्टिंग एजेंसी री तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनावण रो प्रस्ताव भी राख्यो गयो है।
ग्रामीण युवां ने पढ़ाई रा बेहतर साधन उपलब्ध करवावण खातर ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करिया जावै है। ई केंद्रां में कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र सेवा अर प्रतियोगी परीक्षा री किताबां अर पत्र-पत्रिकां उपलब्ध करवाई जावै है, जेकां सूं युवां ने शहरां पर निर्भरता कम होसी।
तकनीकी शिक्षा अर करियर मार्गदर्शन पर जोर
राज्य सरकार शिक्षा ने रोजगार सूं जोड़ण पर भी खास ध्यान दे री है। इसी क्रम में महाविद्यालयां में DREAM (Digital Readiness and Empowerment through Assisted Mentoring) कार्यक्रम शुरू करनो तय कर्यो गयो है, जेकां रो फायदा पहलै चरण में करीब 50 हजार विद्यार्थी ने मिलसी।
साथ ही आधुनिक पढ़ाई सुविधा खातर 400 विद्यालयां ने CM-RISE (Rajasthan Innovative School of Excellence) स्कूल रूप में विकसित करिया जावै है। युवां में वैज्ञानिक सोच अर तकनीकी कौशल बढ़ावण खातर STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) शिक्षा पर भी जोर दियो जावै है।
जोधपुर स्थित स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (SRSAC) में स्पेस गैलरी अर चिल्ड्रन गैलरी बनावण रो प्रस्ताव भी ई दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विशेष वर्गां खातर विशेष योजना
राज्य सरकार अलग-अलग वर्गां खातर भी विशेष योजना चालू कर री है। पूर्व सैनिकां, वीरांगनां अर उण रा आश्रितां खातर मेजर शैतान सिंह कौशल विकास अर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करिया जासे।
वहीं घुमन्तू अर अर्द्ध-घुमन्तू समुदाय रा बच्चां री पढ़ाई खातर Raj-PAHAL (Portable Access for Holistic and Assisted Learning) कार्यक्रम रा तहत हर जिले में स्कूल ऑन व्हील्स शुरू करिया जासे।
इसके अलावा युवां ने नशा सूं दूर राखण खातर Raj-SAVERA (Statewide Anti-drugs Vigilance, Enforcement, Rehabilitation and Awareness) कार्यक्रम भी लागू करियो गयो है, जेकां में नशा विरुद्ध निगरानी, उपचार अर जनजागरूकता पर जोर दियो जावै है।
खेल सुविधा सूं निखर री युवा प्रतिभा
राज्य सरकार युवां री खेल प्रतिभा ने बढ़ावा देण खातर भी प्रतिबद्ध है। अलग-अलग जिलां में खेल स्टेडियम बनावण अर सुधार काम करिया जावै है। महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय रा आधारभूत ढांचा विकास खातर 100 करोड़ रुपया रो प्रावधान राख्यो गयो है।
साथ ही खेलो राजस्थान यूथ गेम्स आयोजन खातर 50 करोड़ रुपया निर्धारित करिया गया है अर स्कूल खेल प्रतियोगितां री प्रोत्साहन राशि 50 हजार सूं बढ़ाकर 1 लाख रुपया कर दी गई है।
राज्य सरकार री ई बहुआयामी पहलां सूं राजस्थान रा युवा सशक्त अर आत्मनिर्भर बन रिया है। मजबूत युवा शक्ति ही राजस्थान ने विकास रा नया आयामां तक ले जासी अर विकसित राजस्थान-2047 रा संकल्प ने साकार करन में निर्णायक भूमिका निभासी।